जिले की रेत खदाने ठेकेदार के कारनामों के चलते आये दिन चर्चाओं में बनी रहती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार
डिंडोरी जिले अंतर्गत कमको मोहनिया में दिसंबर से रेत उत्खनन का काम बंद हुआ था जो 13 मार्च को शुरू हुआ लेकिन जब उत्खनन का काम बंद था उस दौरान भी गेट पास कटे, काम बंद होने के बाद गेट पास काटना समझ से परे था। इस सम्बन्ध में जब खनिज विभाग में जानकारी लेने गए तो खनिज अधिकारी कार्यालय में नहीं मिले और उनका मो. भी कवरेज के बाहर था।पूछने पर पता चला कि साहब बाहर गये है।
सूत्रों से प्राप्त
जानकारी के अनुसार पर्ची/गेट पास कमको
मोहनिया से और रायल्टी दिवारी से काटने की जानकारी भी प्राप्त हुई है ।दिवारी में
10 और 12 चके गाड़ियों की अनुमति नहीं फिर भी 10 और 12 चके की गाड़ियाँ धड़ल्ले से
निकाली जा रही थी जिनमे 6/1/24 11.08 को अनुपपुर 10 चक्का mp09
mh 1591 , 7/1/24 5 बजकर .32 मिनिट नीमच 12 चक्का mh46bm 4242 तथा cg 12 ap 5715 12/01/24 7 बजकर.32 मिनिट पर गेट पास पर्ची काटकर मोहतरा रेत परिवहन किया गया ।ऐसा सूत्र बताते
हैं ।
ग्राम कमको मोहनिया से
खुलेआम बिना रॉयल्टी के धड़ल्ले से रेत परिवहन किया जा रहा है। रेत परिवहन के लिए
जितनी गाड़ियां चल रही है उनमें से 50% गाड़ियां बिना रॉयल्टी के चल रही है। सूत्रों
के अनुसार इसकी जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी है। जहां रॉयल्टी का
12000 लगना है वहां 10000 लेकर ठेकेदार
बिना रॉयल्टी के रेत ले जाने दे रहा है जिसके कारण कहीं ना कहीं शासन को भी आर्थिक
क्षति हो रही है। शासन को मिलने वाली रॉयल्टी की राशि ठेकेदार की जेब में जा रही
है।

