डिंडोरी। पिछले दिनों जनपद सदस्य के द्वारा जनपद परिसर के अंदर एक उपयंत्री को धमकी दिया गया था कि अगर मेरा मूल्यांकन नहीं किया गया तो उल्टा लटका दूंगा या ट्रांसफर करवा दूंगा इसके बाद देखा गया कि उपयंत्री का वाक्य में ट्रांसफर करवा दिया गया इसके बाद विक्रमपुर सेक्टर के सरपंचों ने आक्रोश में आकर जिला कलेक्टर के पास पहुंचे और आवेदन देते हुए कहा कि हमें हमारे ग्राम पंचायत में पदस्थ उपयंत्री भाजी पाले को दोबारा हमारे पंचायत में भेजा जाए अन्यथा भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे
इसकी शिकायत संसद तक की गई थी
उपयंत्री को अलग किया गया था जिसको लेकर विक्रमपुर सेक्टर के सरपंचों ने सांसद तक इसकी गुहार लगाई थी लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हुई जिसको लेकर सरपंचों ने आज दिन सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन दिया और उपयंत्री को यथावत रखने की मांग की है
यह है पूरा मामला
पिछले दिनों जब उपयंत्री को धमकी दी गई थी उल्टा लटका दूंगा और ट्रांसफर करवाने को लेकर उसके कुछ ही दिन बाद उपयंत्री भाजीपाले को उन ग्राम पंचायत से अलग कर दिया गया जहां पर जनपद सदस्य राकेश परस्ते का निर्माण कर होता है सरपंचों ने बताया कि निर्माण कार्य पूरी तरह घटिया तरीके से किया जा रहा था जिसमें कंक्रीट की जगह मिट्टी भर भर कर पुलिया को तैयार कर दिया गया उपयंत्री जब निरीक्षण में पहुंचे तब उन्होंने मूल्यांकन करने से मना कर दिया और इतना देख जनपद सदस्य ने उपयंत्री को खुली धमकी दिया था
इतने सरपंच रहे उपस्थित
सरवन मसराम नुनखान खान, संतोषी धुर्वे अनाखेड़ा, भगवती धुर्वे कसाई सोढा, अमर सिंह पट्टा गणेश पुर, टेक सिंह परस्ते सारंग पुर पडरिया, अमर सिंह उद्दे सलहेरी, लव कुश धुर्वे दर्री मोहगांव, अमर जोत मार्को मेरमल, रामफल मरावी सहज पूरी, ओमकार धुर्वे विनोदी मोहत्तरा, चरण परस्ते खमरिया आदि सरपंच उपस्थित रहे।सरपंचों ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत में मूल्यांकन नहीं होने के बाद जनपद सदस्य के द्वारा धमकाकर बिल लगाने के लिए दबाव बनाया जाता है
