डिण्डौरी
विकास खंड अन्तर्गत दूरस्थ ग्राम चिचरिंगपुर में स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र में
ताला लटका रहता है जिसके चलते मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। ऐसी दषा में
बीमारी से पीडित मरीजो को उपचार के लिए 15 किलो मीटर दूर विक्रमपुर स्वास्थ्य केन्द्र या डिण्डौरी
जाना पडता है।
एएनएम
की है तैनाती
यहां
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एक सीएचओ और एएनएम की तैनाती है बावजूद इसके केन्द्र
में ताला लटका रहता है। इस आरोग्य मंदिर के भरोसे लगभग कई दर्जन गांव के ग्रामीण है जिन्हे उम्मीद रहती है
कि कोई भी मौसम जनित संक्रामक बीमारी का उपचार स्थानीय तौर पर उपलब्ध हो सकेगा लेकिन अमले की गैर मौजूदगी से उपचार से वंचित है। जानकारी
के मुताबिक तैनात एएनएम को उपस्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत निधारित दिनो में टीकाकरण
का जिम्मा रहता है। ऐसी दशा में एएनएम क्षेत्र के भ्रमण में रहती है है। महज माह में दो से तीन दिन क्षेत्र
में गर्भवती महिलाओं के परीक्षण के लिए जाना होता है। बाकी दिनो में उप स्वास्थ्य
केन्द्र में ही मरीजो का परीक्षण और दवा वितरण किया जाना होता है। ग्राम पंचायत
चिचरिंगपुर के उपसरपंच अनुषधारी पंद्राम ने बतलाया कि उप स्वास्थ्य केन्द्र में
आये दिन ताला लटका रहता है जिससे मरीजो को उपचार नही मिल पा रहा है।
ए
एन एम् ने नहीं दिया कोई जबाव
उन्होंने
बतलाया कि मेरे द्वारा ए एन एम् से कहा
गया कि आपका मुख्यालय है और आपको यहां रहकर सेवायें देना चाहिए लेकिन उनके द्वारा
कोई जबाव नहीं दिया गया । ए एन एम् मुख्यालय
में न रहकर कभीकभार आती है जिससे ग्रामीण हलाकान है। किसी भी तरह की बीमारी होने
के बाद ग्रामीणों को विक्रमपुर या डिण्डौरी उपचार के लिए जाना पडता हैं क्षेत्र में अन्य कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं है साथ ही
संसाधन के अभाव में मरीजो को दूसरे स्वास्थ्य केन्द्र तक ले जाने में परेशानी आती
है।

