जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं किस कदर चरमरा गई है इसका एक उदाहरण रविवार की सुबह देखा गया है। जब वार्ड में भर्ती 11 वर्षीय एक बालिका के अचानक गायब होने की बात सामने आई। जानकारी के मुताबिक ग्राम बल्लारपुर निवासी बालिका को उल्टी दस्त से ग्रस्त होने के कारण बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया की बालिका को शनिवार सुबह लगभग 11 बजे परिजन जिला अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती करने के बाद उसका इलाज शुरू हो गया था। रात लगभग 2.40 बजे बालिका अपने बेड पर नहीं मिली। इस दौरान उसकी तलाश भी गई। किंतु उसका पता नहीं चल सका है। इस घटना के संबंध में जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड के इंचार्ज डॉ. रोहित साहू ने अस्पताल चौकी को लिखित सूचना देकर अवगत कराया था । जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज के गायब हो जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। प्रश्न तो यह भी उठ रहे हैं कि जब अस्पताल में सुरक्षा कर्मचारी, नर्सिंग स्टाफ तैनात है इसके बावजूद मरीज कैसे गायब हो गई
ये थी असल वजह
उक्त 11 साल की बच्ची रेशमी बनवासी ग्राम बल्लारपुर के
पास सकलिया टोला की रहने वाली है जिसे डायरिया से पीड़ित होने पर परिजनों ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। डायरिया
के कारण बच्ची काफी कमजोर हो गई थी जिसे
जिला चिकित्सालय से मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया था परिजन उसे जबलपुर
नहीं ले जाना चाहते थे इसलिए चुपचाप बिना बताए बीमार बच्ची को अपने घर वापस ले गए
जहां उसकी मौत हो गई।


