डिण्डौरी। लम्बे समय से विवादित जिला मुख्यालय के मृदु किशोर कॉलौनी के कॉलोनाईजर के द्वारा नाले में किये गए अतिक्रमण के सम्बन्ध में राजस्व निरीक्षकों को वास्तविक सीमांकन करने हेतु 24 जून को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा आदेश क्र अ वि अ 2024/541 जारी किया गया था जिसमे इस बात का स्पस्ट उल्लेख किया गया था कि आम जन एंव अन्य माध्यमों से यह सूचना प्राप्त हुई है कि ग्राम डिण्डौरी स्थित भूमि खसरा नम्बर 229/1. 231/2 कुल रकबा 2.562 हे० भूमि पर वर्तमान में मृदु किशोर कॉलौनी बनी हुई है, जिसमें कॉलोनाईजर शर्तों का उल्लंघन किया गया है तथा कालौनी निर्माण के समय शासकीय नाले की भूमि को भी समाहित कर लिया गया है।ऐसी स्थिति में कालौनी की उपरोक्त खसरा नम्बर की भूमि का विधिवत् सीमांकन कर कॉलौनाईजर लायसेंस के विपरित शर्तों का उल्लंघन कर कालौनी का निर्माण किया जाना पाये जाने पर कालौनाईजर के विरूद्ध म०प्र० नगर पालिका कॉलोनाईजर नियम 1998 के प्रावधानों के तहत तथा शासकीय नाले/भूमि पर अतिक्रमण पाये जाने पर पृथक से अतिक्रमण का प्रकरण तैयार कर 07 दिवस में प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जाने हेतु दल गठित किया गया था। जिसमे दीपक रघुवंशी राजस्व निरीक्षक डिण्डौरी, तीरथ प्रसाद संत राजस्व निरीक्षक नेवसा, हेमंत उईके राजस्व निरीक्षक अमरपुर, बी०पी० साहू हल्का पटवारी, डिण्डौरी, जितेन्द्र रजक हल्का पटवारी, सुबखार दीपक मरावी हल्का पटवारी औरई,शामिल हैं।
लेकिन आज 20 दिन पूरे होने को हैं जांच टीम द्वारा अभी तक इस संबंध में कोई जांच ही नही की गई आखिर क्या कारण है कि मामले को जांच टीम द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है ?
इनका कहना है
छुट्टी पर चला गया था, टीम से बात करता हूं । एक सप्ताह के अंदर जांच हो जाएगी ।
दीपक रघुवंशी, राजस्व निरीक्षक डिंडोरी

